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Dhairyakant Mishra

Stories and Love


यादों का कालाधन

Abstract

रेलिँग पर वो तुम्हारी कोहनी की रगङ आज भी जिँदा है , उसको खरोंच कर के उसके बुरादों में तुम्हारा अक्स ...

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Kasak

Abstract

आज पलकों की जिद भी अजीब थी ,आंशुओं को रास्ता देने से मना कर दिया फिर से ,उनको  को रास्ता ही नहीं मिल...

2    20.9K 21

सर्द रात

Abstract

क्या बताऊँ , उस सर्द रात जब तुमने ये बताया की तुम सिर्फ मुझसे मिलने आ रही हो और वो भी रात के ९.३० बज...

2    14.6K 22

उदास गर्म हवाएं

Abstract

तुमको नहीं लगता आज सर्दी बहुत ज्यादा है , ऐसा लग रहा मानो गरम हवाएं उदास सी हो गयी , चलो न एक एक चोक...

2    21.5K 19

दिल्ली, हैडफोन्स और तुम

Abstract

2009 में हम दोनों जब दिल्ली आए थे, तब दिल्ली की सरकार, यहाँ का मौसम, यहाँ के लोग और ये मेट्रो, सब हम...

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अधूरी पानीपुरी

Abstract

"अरे! वो क्या है कि पापड़ी खाने की प्रथा इस देश मेँ बहुत पुरानी है, अगर तुमने गोलगप्पे खाने के बाद पा...

1    7.3K 15

यादों का एल्बम

Abstract

                                                तो इसका मतलब क्या? तस्वीरों को मैं भी डिलीट कर दूँ? ...

2    7.5K 16

सर्द जुल्फें

Abstract Romance

तुम्हारी ज़ुल्फ का एक टुकड़ा मेरे कोट के एक बटन में कल लिपट कर मेरे पास आ गया था, मेरी नज़र जब उसकी सिस...

2    21.2K 17