Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,



Amresh Singh

कद उसी किरदार का जमाने मे बड़ा है। भीड़ के कंधों पर पैर रखकर जो खड़ा है।

  Literary Colonel

अहसास

Inspirational Drama

कुछ एहसास...।

1    70 3

उलझे हुए प्रश्न

Drama Inspirational

उलझे हुए प्रश्न...।

1    6.7K 3

तितलियाँ

Inspirational Drama

तितलियों के बारे में एक ग़ज़ल...।

1    6.7K 8

पीड़ा

Drama

पीड़ा के बारे में एक कविता...।

1    7.1K 12

चेहरा

Drama

एक चेहरा...।

1    6.9K 7

भ्रस्टाचार की वैतरणी

Others

इकीसवीं सदी मा जो गाँधी जी लौटी आवैं बिना लिहे-दिहे अबकी, याको सुविधा न पावैं, पद कै महत्ता पहिले

1    7.0K 9

मन

Abstract

जीवन पथ पर करना पड़ता अथक परिश्रम, मेहनत पूरी-पूरी रहती, मज़दूरी फिर भी कम, सुने खरी खोटी

1    12.8K 5

दर्द

Abstract

शोला भड़के न ऐसी हवा दीजिए तेरी चाहत में गुज़री है जिनकी उम्र, उन बुज़ुर्गों के हित कुछ दुआ कीजिए हो ...

1    7.0K 9

मुक्तक

Others

जलन के हर बार एहसास नए पाता हूँ.....

1    1.3K 5

माँ

Inspirational

पन्नाधाय बनी कभी बनी जीजाबाई, अंग्रेजों से लड़कर कहलायी लक्ष्मीबाई, सामने पड़ा है कभी, राष्ट्रहित ज...

1    6.8K 13

चुप रहो

Inspirational

माँ के व्रत-उपवास का सच, उर्मिला के अहसास का सच, वैदेही वनवास का सच

1    13.4K 6

शर्तों में

Abstract

प्रेम और प्यार की जहाँ, बुनियाद बनती शर्त, रिश्तों को मिलता फिर, नया आधार शर्तों में।

1    6.7K 6

क्यों

Inspirational

देखी नहीं नींव जब तुमने करते क्यों आधार की बातें ? भूल गए हो कैसे तुम अपने अधिकार की बातें ?

2    13.3K 8

पीड़ा

Others

सुदामा-सी दीनता में, मुफलिसी के ख़्वाब, कहाँ महलों से संभलते हैं। पीड़ा को नित, सन्दर्भ नए मिलते हैं...

1    7.2K 7