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Gantantra Ojaswi

  Literary Brigadier

खोदोगे तो जल निकलेगा

Inspirational

मत झाँको अपनों के मन में, यार! बहुत ही छल निकलेगा!

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राह

Drama Tragedy

मर्यादा के चीर-हरण की, थाह ! कहाँ ले जायेगी ? ये राह कहाँ ले जायेगी, ये चाह....।

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प्यारा हिन्दुस्तान

Children Inspirational

तन-मन से जो बड़ी सरल या प्रेम लता - सी लगती हैं आ जाये समय तो वो ज्वाला शत्रु पर भारी पढ़ती हैं।

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*आशाओं का नया वर्ष *

Others

वातायन से गन्ध पवन ने, आकर आलस जीत लिया है, निर्माणों की गाथाओं ने मन को नव परिवेश दिया है ||

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हिम्मत

Drama

फुटपाथों पर भूख चीखती, निकल रहे आँखें मूँदे ! खामोशी से सब सहने को बोलो ! हिम्मत कितनी हो ?

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अनुबन्ध

Others

अनुबन्ध हमारे जीवनपथ को आगे बढ़ने से रोकने का काम करते हैं..विशेषकर रिश्तों के अनुबन्ध

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चलो नाराज होते हैं

Others

चलो नाराज होते हैं.. बिखरते रोज के रिश्ते उखड़ते नेह के चेहरे लबे नासाज होते हैं....।

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क्या भूलें क्या याद करें...

Others

कुछ खातिरदारी के गम में, कुछ लम्बरदारी के वश में। कुछ टूट चले, कुछ छूट चले, मन से रीते कुछ पर-वश मे...

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नकली गुलाब

Others

एक गुलाब मैंने देखा... अभी - अभी... जिसमें न गुल था...न आब, लापता खुशबू.. निस्तेज...

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रुकना नहीं..

Others

राह टेड़ी हो.....भले...पर मै स्वयं उलझा नहीं, हो तपन कितनी मगर मैं ताप से झुलसा नहीं।

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आओ प्यार करें...

Others

आओ प्यार करें.. उन्मादों से, दु: स्वप्नों से खुद को दूर करें।। आओ प्यार करें ...

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मान

Others

ओ अन्तस् के मान हठीले विष-बेलों से हो जहरीले.. दुनिया भर के पाप भरे औ' चेहरे से हो बड़े सजीले... ओ अ...

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रे विचित्र परिवेश !

Others

रे विचित्र परिवेश! तज मानवता, धर दानवता छोड़ स्वयं का वेश!               

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घाव

Others

तुमने जो छोड़े घाव दिलों पर, सागर से ज़्यादा गहरे थे... तुमने समझा निकल पड़े हम लेकिन हम तो ठहरे थे।

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स्मृतियों के पार

Others

क्या भूलें हम क्या याद करें?

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सवाल

Others

मुस्कुराहटों के साथ संग था. आपके सवाल से मैं इतना दंग था...

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स्वप्न

Others

कुछ छूट गये, कुछ रूठ गये कुछ स्वप्न अधूरे टूट गये।

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ओ! भरत-भाग के स्वाभिमान

Others

मस्तक उन्नत, ले नव विहान। करने मानव का परित्राण, ओ! भरत भाग के स्वाभिमान।  

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