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Phanishwar Nath Renu

  Literary Captain

मारे गए गुलफ़ाम (भाग ३)

Classics

मन का मान-अभिमान दूर हो गया।

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मारे गए गुलफ़ाम (भाग २)

Classics

आज भी परमार नदी में महुआ घटवारिन के कई पुराने घाट है

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पुरानी कहानी : नया पाठ

Classics

आसिन का सूरज रोज धरती को जगाता है।

15    687 27

नैना जोगिन

Classics

माँ को इसका गुमान है कि बड़े-बड़े वकील-मुख्तार के बेटों को देख कर भी उसकी बेटी की 'अथि' अर्थात जीभ न...

13    486 20

ठेस

Classics

बिना मजदूरी के पेट-भर भात पर काम करने वाला कारीगर। दूध में कोई मिठाई न मिले, तो कोई बात नहीं, किंतु ...

9    445 24

मारे गए गुलफाम (भाग १)

Classics

निश्छल आदमी बहुत कम दिखता है

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लाल पान की बेगम

Classics

तीन ही महीने हुए, गौने की नई बहू हो कर आई है और सारे कुर्माटोली की सभी झगड़ालू सासों से एकाध मोरचा ले...

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एक आदिम रात्रि की महक

Classics

.तार की घंटी! स्टेशन का घंटा! गार्ड साहब की सीटी! इंजिन का बिगुल! जहाज का भोंपो! - सैकडों सीटियाँ......

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रसप्रिया

Classics

मिरदंगिया ने हँस कर कहा था, 'अच्छा, इस बार माफ कर दो सरकार! अब से आप लोगों को बाप ही कहूँगा!'

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