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Ashok Goyal

  Literary Colonel

ग़ज़ल :- ज़ीस्त के ख़ौफ़ो - ज़लज़ल

Others

मेरे दिल पर मेरी हुक़ूमत है। हर घड़ी दिल के ही कहे में हूँ।

1    106 2

जब से तुम आ बसे हो

Abstract

सुबह होती है आरती के साथ शाम होती हैं हम अजानों में।

1    293 28

मुहब्बत की तपिश

Romance

रहेगा उम्र भर ये खेल जारी चलो देखें मिलेगी मात कब तक।

1    295 49

मोहब्बतें

Romance

है बर्फ़ बर्फ़ चाँदनी, उदास है ये चाँद भी । न जाने कौन आँसुओं से रात को भिगो गया

1    207 1

ग़ज़ल

Others

सारी दुनिया ही मुझसे बेहतर है यार मुझ में ही ख़ामियाँ हैं बहुत

1    114 2

ग़ज़ल :-

Romance

ले के जो आया यहां पैग़ाम ए महब्बत। ऐसा कोई पहले फ़रिश्ता नहीं गुज़रा।

1    244 0

ग़ज़ल

Others

दीद के बाद, होश जाते रहे। क्या बयाँ करता मैं जलाल तिरा।

1    152 0

उतर न जाय कहीं

Romance

अब ये नशा उतर न जाय कहीं।

1    150 4

ग़ज़ल :-

Others

रूबरू होना था ज़माने से। अपना चेहरा बदल के आना था।

1    199 8

ग़ज़ल :-

Others

कैसा जादू तेरी छुअन में है । शब ये शब भर शराब सी बहके ।

1    326 26

ग़ज़ल :-

Abstract

क्या मसर्रत का ,क्या तो दर्दो -ग़म । ज़ायका हर शै का ही खारा था ।

1    407 1

गुलाब की सूरत

Romance

गुज़र जाते किसी भी हद से फिर हम तिरा दीदार होना चाहिए था।

1    109 3

ग़ज़ल

Others

जो दुआ में, इबादतों में रहा वो मुहब्बत का देवता कहाँ है

1    163 2

ग़ज़ल

Others

किसने तस्वीर ये बनाई है । किसने लिखा है ये जमाल तिरा ।

1    393 44

ग़ज़ल

Others

ग़जब ये ढब तेरा,अंदाज़ ये फ़क़ीराना। ज़माने भर की मुहब्बत तेरी पनाह में है।

1    242 1

ग़ज़ल

Others

शफ़्फ़ाफ़ तेरा दिल तो ,ख़ुदा में यक़ीन हो । फ़ितरत भी लाजवाब शराफ़त में चाहिए ।

1    147 1

ग़ज़ल :-

Others

एक पल की ख़ुशी की आस में अब । जीते - मरते किसान से मौसम ।

1    350 2

चुरा ले गया कोई

Abstract

हम तो फ़क़ीर थे, बता क्या ले गया कोई।

1    115 3

ग़ज़ल

Romance

छू गया था तेरा ख़याल मुझे। रात भर चाँदनी सी बरसी है।

1    272 2

ग़ज़ल :-

Others

गुज़ारा अब मेरा तन्हाइयों,वीरानियों से है । मुहब्बत थी उसे तो मुझसे वो बाहर नहीं जाता ।

1    215 0

गज़ल

Others

ज़िन्दा लाशों के हैं हुजूम यहां। लेकिन कोई बशर नहीं मिलता।

1    213 2

ग़ज़ल :-

Drama

कुछ अजब सी नमी है मौसम में इक सदा आती है पहाड़ों से।

1    240 30

दवा कह दूँ

Romance

आइना, आइना सिफ़त नहीं है कैसे मैं इसको आइना कह दूँ।

1    353 31

ग़ज़ल

Fantasy

मुझसे कब कोई वास्ता था उसे। धूप भी मुद्दतों से छाँव में थी।

1    144 1

ग़ज़ल :-

Romance

दीद के बाद होश जाते रहे। क्या बयाँ करता मैं जलाल तिरा।

1    128 2

ग़ज़ल

Others

नई दुनिया बसा लें पत्थरों की। यकीं जाता रहा अब आदमी से।

1    152 22

वफा जानते हैं

Drama

जो सबब है मेरी बर्बादियों का सब उसे मेरा ख़ुदा जानते हैं।

1    157 0

ग़ज़ल :-

Others

छोड़िये बातें समन्दर की मियाँ। अब तो क़तरे से संभलना चाहिए।

1    221 1

गज़ल

Others

जब मवाली ही शहरयार हुए । सोचिए क्या निज़ामतें होंगी ।

1    285 10

ग़ज़ल

Inspirational

धूप ने बस छुआ ही था उसको। बँट गया आफ़ताब टुकड़ों में।

1    389 44

ग़ज़ल :-

Romance

ज़र्रा ज़र्रा रहे उजाले में रौशनी की जवाबदारी है।

1    236 10

इसको जीकर देखते हैं

Drama

तमाशे रोज़ ही तो रौशनी के देखते हैं।

1    286 4

तश्नगी मुझमें

Abstract

ये तो मुश्किल है मैं बदल जाऊँ अभी ज़िन्दा है आदमी मुझमें।

1    159 1

ग़ज़ल

Others

रोज़ सूरत बदल के मिलता है। तुझ पे कितने नक़ाब हैं भाई।

1    238 35

ग़ज़ल :-

Romance

समझते हैं नादाँ, तो कमसिन हमें वो अदाओं से अपनी यूँ बहला रहे हैं।

1    331 3

ग़ज़ल :-

Abstract

ज़ख़्म इतने दिए ज़िन्दगी ने मुझे वक़्त से मैं ज़रा, बेख़बर क्या हुआ।

1    224 0

ग़ज़ल :-

Romance

गुज़रा जो तू शहर से तो ऐसा ही होगा पागल कई होंगे, कई दीवाने मिलेंगे।

1    308 47

ग़ज़ल

Others

हम इश्क़ वाले यूँ कमाल करते हैं। कि ज़ख़्मे दिल भी आँसुओं से सिल लिए

1    231 1

गज़ल

Romance

अभी तक भी हम, मुन्तज़िर यार उनके। कि मरते हुए भी ये ज़िन्दा दिली है।

1    241 2

तलाश

Abstract

मैं जिसे छोड़ कर गया था कभी गाँव अपना तलाश करता हूँ।

1    192 2

करार रखिये

Romance

तिलिस्म हैं आपकी निगाहें तो साथ क्यों अब कटार रखिये।

1    163 0

ग़ज़ल

Others

मुद्दतों से गुज़र है खुद से ही। तेरे जैसा कोई मिला ही नहीं।

1    148 1

ग़ज़ल

Others

मैंने जो भी चाहा, वो बख़्शा है तूने। ज़िन्दगी मुझ पर तेरा क़र्ज़ा बहुत है ।

1    182 0

जो मेरे गाँव की थी

Romance

चाह कर भी कभी न तोड़ सके ऐसी बेड़ी हमारे पाँव में थी।

1    264 1

गज़ल

Inspirational

ऐसे जीते हैं ज़िन्दगी यारों । रोज़ अपना हिसाब देखते हैं ।

1    72 0

यहाँ ख़ुद से तो यारों अब दग़ा कोई नहीं करता ।

Others

यहाँ खुद से तो यारों अब दगा कोई नहीं करता 

1    6.7K 2

ज़र्फ़ अपना आज़माता कौन है ।

Others

अब तलक भी मुन्तज़िर है ज़ीस्त का वक़्त आखिर गुन गुनाता कौन है? 

1    7.4K 8

यहाँ ख़ुद से तो यारो दग़ा कोई नहीं करता

Others

फ़रेबों पर ही कायम है सभी की ज़िन्दगी यारो। हक़ीक़त का मियाँ अब सामना कोई नहीं करता।

1    13.2K 8

जिस घड़ी ये ज़र ज़मीं से आशना हो जायेगा ।

Others

डॉ अशोक गोयल " अशोक "

1    1.3K 10

तुझमें अब कोई बात हो तो सही

Others

तुझमें अब कोई बात हो तो सही। हार भी जाऊँ, मात हो तो सही। मश्ग़ले और तो मैं जब देखूँ। तुझसे इक पल निजा...

1    13.4K 1

क्या रखा है यार ऐसी ज़िन्दगी में ।

Others

डॉ अशोक गोयल "अशोक "

1    1.4K 9

मुहब्बत का सफ़र आसान कब था ।

Others

डॉ अशोक गोयल "अशोक "

1    1.4K 4

इस तरह ख़ुद से गुज़रना मेरा

Others

डॉ अशोक गोयल

1    13.8K 7

ये दुनिया है , यहाँ ये क़ायदा है ।

Others

ये दुनिया है, यहाँ ये क़ायदा है, किनारे को किनारा काटता है।

1    6.8K 5