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अनुरोध श्रीवास्तव

प्रकृति के सुन्दरम का कवि

  Literary Captain

बचपन

Others

साइकिल के टायर, वो छुकछुक सी गाडी मिट्टी की सोंधी बू, बारिश की खुशबू

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जिन्दगी का आनन्द

Inspirational

पद, प्रतिष्ठा, वर्गभेद को भुलाकर और लो आनन्द जिन्दगी का सिर्फ मानव बनकर

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चलो अब घर को चलते

Comedy

बीवी है गुस्साय चलो अब घर को चलते।

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चिरैया की पाती

Inspirational

आखिर क्यों और कब तक हम बेजुबान और पेड़ पौधे चढ़ें विकास की भेंट।

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प्रकृति का संरक्षण और जीवन

Inspirational

बादल में बिजली अंग हैं हम सब प्रकृति के वहीं से जीवन और उसी में मिल जाना है।

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प्रकृति

Tragedy

बादल में बिजली अंग हैं हम सब प्रकृति के वहीं से जीवन और उसी में मिल जाना है।

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किसान और श्रमिक

Abstract

कहते हैं ये दुनिया वाले कर्म सदा महान है फिर तो किसान और श्रमिक कर से कर कर्म महान हैं।

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मैं प्रकृति हूँ

Abstract

मैं ही समय और समय का चक्र मैं प्रकृति हूँ।

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ठण्डी आई

Children Stories

बच्चे बोलें ओढ़ रजाई ठण्डी आई ठण्डी आई ।

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आँखें

Abstract

गम में आँसू का गागर हैं आँखें...

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दिल का मेहमान

Romance

दिल का मेहमान

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सांसों की कविता

Romance

भ्रमरी तुमसे गुनगुनाहट माँगती है और फूल तुम्हारी हँसी तुम हरेक नजर में हो मगर...

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कंक्रीट के जंगल

Others

पीपल का पेड़ भीटे पर बरगद उधर नीम , महुआ आम के बाग संगीतमय सुबह सुरमयी शाम

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