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Qais Jaunpuri  


एक छोटी सी डिक्शनरी

Inspirational

सच कह रहा हूँ, “ज़िन्दगी का एक अलग ही मज़ा आ रहा है।”



7    521 46

चोखा-पूड़ी

Drama Abstract

“एक पूड़ी-सब्ज़ी.” मैंने अपने मालिक को बताया. मालिक ने मुँह सिकोड़ते हुए उस ग्राहक को देखा, और टोकन फाड़कर मुझे दिया.



5    14.4K 23

नौ महीने की उमर

Drama Fantasy Inspirational

वो चाहती कुछ और थी. कहती कुछ और थी. और करती कुछ और थी. वो मजबूर थी, अपने हालात से. अपने माहौल से.



9    1.3K 9

मस्जिद की तामीर के लिये

Crime Inspirational Comedy

मैं जानता था कि ये वही मौलवी साहब हैं जो मेरे मुहल्ले में बच्चों को तालीम देते थे. हर घर से पचास रुपया महीना पाते थे, और बारी-बारी से पूरे मुहल्ले में खाते थे. 



3    1.3K 16

आधा पति

Drama Fantasy Inspirational

उस दिन मुझे ये पता चला कि मेरा पति अब मेरा नहीं रहा. वो किसी और का भी था. इसलिये अब वो मेरा नहीं था. क्योंकि पति तो पूरा ही होता है, ‘आधा पति’ क्या होता है? और मुझे ‘आधा पति’ चाहिए भी नहीं था. क्योंकि वो सोता तो मेरे साथ था, मगर उसकी बाहों में मैं नहीं होती थी, इसलिये मुझे कोई दर्द भी महसूस नहीं होता था, और उसे कोई मज़ा भी नहीं आता था. क्योंकि मर्दों को तो औरत को रौंदने में मज़ा आता है. अगर बिस्तर पे औरत हाथ-पैर न जोड़ ले, तो मर्द ख़ुद पर ही शक करने लगता है.



7    1.5K 15

झूठी औरत

Abstract Drama Inspirational

उसने उस औरत की हालत देखी और अब वो उसके गाने के बोल का मतलब निकालने लगा. अब औरत गाये जा रही है और वो उसके एक–एक लफ़्ज़ का मतलब निकाल रहा है. महलों की रानी... इसी पे वो बार-बार अटक जा रहा था. वो औरत कहीं से भी महलों की रानी नहीं लग रही थी. वो तो भीख माँग रही थी. दु:ख से बेगानी.... दु:ख? दु:ख से बेगानी? उसकी ज़िन्दगी में तो दु:ख ही दु:ख है. लग जाए ना धूप तुझे... धूप? 31 मई 2015 की चिलचिलाती गर्मी में धूप के अलावा और क्या लगेगा? धूप लगे है छाँव मुझे…. एकदम सरेआम झूठ बोल रही हो… धूप से तुम्हारा चेहरा काला पड़ गया है. और कहती हो धूप लगे है छाँव मुझे…? काँटों से हो जाए, पाँव ना घायल… सिर्फ़ पाँव? तुम्हारे तो हर पोर-पोर में काँटें ही काँटें चुभे हैं. काँटों पे नाचूँगी, बाँध के मैं पायल… तरस आता है मुझे तुम पर और तुम्हारी हालत पर. अपनी शकल देखो! भूख से इस तरह बिलबिला रही हो कि कोई एक नोट दे दे तो शायद नोट ही न खा जाओ. हँह्ह…!!! बड़ी आयी काँटों पे पायल बाँध के नाचने वाली…!!!



9    1.6K 14

लम्बे बालों वाली लड़की

Crime Drama Fantasy

उसकी लहराती ज़ुल्फ़ों की वजह से बहुत सारे लोगों के दिलों पे साँप लोट जाता था... बहुतों के दिलों पे इसलिये कि वो उनकी नहीं थी... बहुतों के दिलों पे इसलिये कि वो बहुत ख़ूबसूरत थी मगर उन्हें घास नहीं डालती थी... बहुत से लोग अब भी इस कोशिश में लगे थे कि, “काश... ये हमसे दोस्ती कर लेती तो बहुत अच्छा रहता... काश, ये हमें अपने क़रीब आने देती तो अच्छा रहता... और काश, इसे हम छू सकते...”



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लम्बे बालों वाली लड़की

Crime Drama Fantasy

उसकी लहराती ज़ुल्फ़ों की वजह से बहुत सारे लोगों के दिलों पे साँप लोट जाता था। बहुतों के दिलों पे इसलिये कि वो उनकी नहीं थी। बहुतों के दिलों पे इसलिये कि वो बहुत ख़ूबसूरत थी मगर उन्हें घास नहीं डालती थी। बहुत से लोग अब भी इस कोशिश में लगे थे कि, ''काश। ये हमसे दोस्ती कर लेती तो बहुत अच्छा रहता। काश, ये हमें अपने क़रीब आने देती तो अच्छा रहता। और काश, इसे हम छू सकते।''



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कबूतर

Children Fantasy Inspirational

एक शहर था, जो बड़ी तेज़ी से तरक़्क़ी कर रहा था. उसी शहर में एक कबूतर का जोड़ा रहता था. शहर में अन्धाधुन्ध बन रही इमारतों की वजह से पेड़ों की कमी हो गयी थी. अब कबूतर इमारतों की खिड़कियों के लिये बने छज्जों पर रहने लगे थे. लेकिन मादा कबूतर छज्जे पर अण्डे नहीं दे पा रही थी क्योंकि उसे डर लग रहा था कि, “पिछली बार की तरह इस बार भी मेरा अण्डा छज्जे से नीचे गिरकर टूट जायेगा.”



9    7.1K 9

जुहू बीच

Inspirational Thriller Others

लोग देख रहे थे कि मैं भगवान की मूर्ति के साथ छेड़-छाड़ कर रहा हूँ. मगर किसी ने मुझसे कुछ कहा नहीं. मूर्ति पूरी रेत से सनी हुई थी. मैंने अगली लहर में मूर्ति को धोने के इरादे से पानी में डाला, तो लहर इतनी तेज़ थी कि गणेश जी का सिर का हिस्सा मेरे हाथ में रह गया और उनकी पीठ टूट गई.



7    7.2K 16

हट जा रे खड़ूस!

Crime Drama Thriller

पाँच रुपए उसने अपनी सलवार के नेफ़े में ठूँस लिए और तसल्ली से अपनी कमीज़ नीचे सरका दी, ऐसे, जैसे उसने वो पाँच का सिक्का ज़मीन में गाड़ दिया है और अब किसी की नज़र उसपे पड़ने वाली नहीं.



5    7.2K 15

ग़ज़ब की लड़की थी वो

Drama Fantasy Inspirational

कहानी मे मर्सी किल्लिंग की बात कही गयी है अंत में जो कानून के विरुद्ध है.



7    14.1K 16

आबिया

Drama Fantasy Romance

आबिया नाम है उसका आबिया से मिलने से पहले, करीम की ज़िन्दगी एक अलग तरीक़े से चल रही थी। जहाँ वो ख़ुद अपनी मर्ज़ी का मालिक हुआ करता था। जहाँ वो सिर्फ़ अपनी सुनता था और लोगों को भी सिर्फ़ अपनी ही सुनाता था। एक तरह से अपनी दुनिया का बादशाह था वो। लेकिन आबिया की एक झलक ने उसकी पूरी ज़िन्दगी का रुख़ ही बदल दिया। पता नहीं क्या जादू है आबिया की आँखों में कि वो उसके सामने आते ही एक छोटा सा बच्चा बन जाता है और आबिया के एक इशारे पर उठना-बैठना और चलना शुरू कर देता है।



11    13.9K 16

गन्दा ख़ून

Drama Inspirational Tragedy

- “कुछ अर्जेंट काम था वसीम। लेकिन अभी आप जिस हालत में हो, तो कोई फ़ाएदा नहीं है कहके।” - “अरे मैडम! आप कहके तो देखो. आपके लिए जान भी हाज़िर है।” - “किसी की जान ही बचानी है वसीम! किसी को अर्जेंट ब्लड की ज़रूरत है. लेकिन...”



8    13.9K 14

एक छोटी सी डिक्शनरी

Drama Fantasy Inspirational

बचपन में गुब्बारे बेचता था मैं। होली पे रंग, दीवाली पे पटाखे, रक्षा-बन्धन पे राखी, और इसी तरह के और भी छोटे-छोटे काम करना पड़ता था। गाँव के स्कूल में आठवीं पढ़ने के बाद, अब शहर जाके पढ़ाई करने के लिए पैसे नहीं थे। तब मेरे मुमताज मामू ने अपनी शादी के दहेज़ में नई-नई मिली साइकिल मुझे दी और कहा, “इससे तुम शहर पढ़ने जा सकते हो” और मेरे शकील मामू ने पाँच सौ रुपए दिए कि, “इनसे तुम अपनी किताबें ख़रीद लेना।” इस तरह मेरी आगे की पढ़ाई का इन्तिज़ाम हुआ।



7    14.1K 21

धोबन

Drama Fantasy Inspirational

“कपड़े हैं?” वली के कान में एक मीठी सी आवाज़ खनखनाई. उसने ठीक से देखा. सामने एक औरत खड़ी है. वली को कुछ समझ में नहीं आया कि क्या जवाब दे? उस औरत ने भी और कुछ नहीं कहा. दोनों बस एक-दूसरे को ऐसे देख रहे हैं जैसे बरसों के बाद मिले हैं जबकि हक़ीक़त ये है कि दोनों ने एक-दूसरे को पहली बार देखा है. शायद यही वजह हो कि वली को आरती और उसकी आवाज़ इतनी अच्छी लग गई और आरती को वली की ख़ामोशी भा गई



18    7.3K 16

होली बाद नमाज़

Drama Inspirational Thriller

तभी भीड़ में से एक सवाल और हुआ, “ये रंग आपको जहन्नुम में ले जाएँगे.” अब अहद को गुस्सा आने लगा, क्योंकि उससे सवाल करने वाले जाहिल लोग थे, जिन्हें ख़ुद जन्नत और जहन्नुम के बारे में ठीक से पता नहीं है, वो उसे जहन्नुम में भेज रहे थे, सिर्फ़ इसलिए क्योंकि उसके हाथ-पैरों में रंग लगा हुआ है. फिर भी अहद ने अपने गुस्से को पीकर बात का जवाब बात से ही देना ठीक समझा. वैसे भी, क़ुरआन झगड़े को जितना हो सके, टालने की नसीहत देता है.



9    14.6K 11

सफ़ेद दाग

Drama Thriller

लेकिन बस में बैठे हुए लोग तो पहले से ही उसे देख रहे थे और सोच रहे थे कि “ये लड़की इतनी बेचैन क्यूँ है?” क्योंकि लोगों को तो उसकी ख़राब हालत का कुछ पता नहीं था। लोगों की नज़र तो बस उसके सफ़ेद दाग़ से भरे हुए चेहरे पर टिकी थी।



22    20.8K 16