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Adarsh Kumar

गीतकार, छंदकार, समाज व मानवता को समर्पित साहित्यकार

  Literary Colonel

उनकी आंखें

Abstract

बिद्ध ज्योति-द्वय से मन जैसे अम्बर और चपल बादल है।

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पत्र बनाम व्हाट्सएप्प

Others

पूर्व के संवाद पढ़ना सब प्रतीक्षा के पलों में पोटली ज्यों पत्र वाली खोलकर के बांचना

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खिला चमेली जैसा मन

Abstract

ऊँगली के मृदु स्पर्शों से तन में सिहरन जाग उठे, उठते लाखों भाव मनस में, तब चेहरे पर फाग उठे.........

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