Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,



Neeraj Dwivedi

  Literary Colonel

औसत आदमी की त्रासदी

Abstract

औसत आदमी का औसत मन.. सही समय पर, सही जगह होता ही नहीं कभी

1    46 0

मकान बदल गया, घर अब भी वहीं है

Others

किराये का वो मकान अब बिक चुका है, पर उसमे जमा बचपन,

1    27 0

क्षणिक संवेदनाएं

Others

तो आओ, मिलकर, भीड़ के शिकार के साथ एक और सेल्फी खिंचाते हैं,

1    328 0

रोम अब भी जल रहा है....

Abstract Others Comedy

प्रेम में डूबा वो पागल कविआज भी इँतजार मे हैकि अपनी अधजली कविताओं से वो बचा लेगा रोम को,और बचा लेगाउ...

1    13.1K 6

मौन.....

Abstract Inspirational

अक्सर,जब मै प्रेम मे होता हूँ,जब मै पीड़ा मे होता हूँ,मै मौन होता हूँ.......

1    7.2K 9

युद्ध में अकेला नहीं' जाता सिपाही...

Inspirational

युद्ध... वो शब्द है जिसे सुनते ही सैनिक और उसके बलिदान, उसके शौर्य, उसके साहस की सैकड़ों कहानियाँ हम...

1    13.6K 4