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Ira Johri

  Literary Colonel

वापसी

Others

यह खबर पाते ही लगा जैसे किसी नें खुशियों पर ग्रहण लगा दिया हो।

1    148 1

वापसी

Others

आनन फानन में उसे फ़ौरन ही वापसी के आखिरी विमान से बुलाने की कवायद की गयी।

1    22 1

नटखट

Others

घर का दरवाज़ा बन्द करनें पर होने वाली शान्ति उन्हें मरघट समान लगती थी।

1    156 0

मेरा आसमां

Inspirational

"मुझे हर समय टोका न करो अम्मा । घर के खूंटे से बंध कर रहने वाली बछिया नहीं हूँ मैं । अप

1    215 2

बसन्ती बयार

Drama

ऐसा लगा मानो उसके जीवन में फिर से बसन्ती बयार आ गयी हो।

2    132 1

छूटते किनारे

Drama

क्योंकि मैं बस घर के भीतर की एक बेबस कोठरी थी जिससे वह अपने सभी रंज-औ-गम कह लेती थी।

1    78 2

ख्वाब

Inspirational

मैं नाचूँगी

1    64 3

झोला

Drama

मैं आज भी अम्मा को बाऊजी के पास में ही होने का एहसास कराता रहता हूँ।

2    300 2

यादों के धागे

Others

यह क्या यह तो पुरानी सहेलियों के खत हैं जिनमें जाने कितनी दिलों की बातें भरी हुई हैं

2    84 0

फागुन

Children Stories

मन के रंगीन ख्वाब

2    52 2

फर्क

Drama

यह जो नशा है पहले तो सुकून देता सा लगता है पर बाद में अपना गुलाम बना कर सीधे मौत का रास्ता ही दिखाता...

1    60 3

इंकार

Inspirational

पढ़ाई के लिये समय कम मिलता है अब आप मुझे एक बाइक दिला दीजिए

2    85 4

अनुगूँज

Inspirational

मेरे दुख का अविरल दरिया बहते देख लगा निष्प्राण वृक्ष में जान आ गयी हो

2    64 3

अपाहिज मन

Inspirational

हृदय से धन्यवाद देते हुये मैंने बहू से कहा "जा तू भर ले अपनी उड़ान बस गिद्धों से सावधान

1    358 39

धुन्ध

Others

भीख मांगने वाला मुँह पर तिरस्कार पूर्वक यह कह कर चला गया था कि "इनसे क्या मांगे ये तो ख

1    255 19

ताली एक हाथ से नहीं बजती

Drama

जिसे वह भी समझती है और जो हो सकता है तय काम के अतिरिक्त भी मेरा काम कर जाती है।

1    294 44

हमारा साहित्यिक सफरनामा 2019

Others

बीते हुए वर्ष में हमने क्या खोया और क्या पाया यह सोचने जब बैठे आंख बंद करने पर लगा वाकई में वर्ष के ...

6    159 0

बंजर समाज

Drama

सबसे मिलो जरूरतमंद का ख्याल रखो, एक दिन पाओगे कि सब तुम्हारे अपने ही हैं।

1    198 36

कठपुतलियाँ

Tragedy

संसाधनों में आगजनी व तोड़ फोड़ कर राष्ट्र की सम्पत्ति का नुकसान किये जा रही थी

1    232 52

माँ/बेटा

Drama

माँ सुनो मेरे मन की बात

2    343 47

ढलती साँझ

Inspirational

सबके संग हँसते खेलते जीवन की सांझ भी आज हसीन लगने लगी है

2    496 28

घुटन

Drama Tragedy

किसी तेज वाहन की टक्कर से जो वो गिरे तो फिर वो बिस्तर से उठ नहीं पाये। निष्क्रिय अंगों के साथ बिस्तर...

1    258 19

विस्थापन

Others

उस हवस के दरिंदगी ने लूट लिया सर्वस्व मेरा है दुःख कितना एक बेटी होना कैसे ये बता

3    291 25

विध्वंस

Others

कभी इसी कला के पोषक राजे-रजवाड़े लोगों के मध्य हमें हेय दृष्टि से देखा जाता था। पर आज बदलते समय में ...

1    427 32

वक्त

Drama

इन सबके साथ नृत्य करके बीते पलों को याद करके अपना आज का यह ख़ुशनुमा वक्त बितायें। ”

3    221 36

अम्मा

Others

कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को खुलेआम दावत मिल रही है और तुम मुस्करा रही हो

2    131 6

नन्हा शुभ और दीपावली के पटाखे

Drama

मामा मौसी के साथ मस्ती करने मे वापस जाने का उसका मन ही नहीं करता ।

1    70 3

कीमती पल

Drama

सब अनसुना करते हुये निम्मी ने जब बिटिया को उसके जन्मदिन की बधाई दी और अपनो को बुला कर।

1    60 3

कल कीआहट

Inspirational

असल में व्यवसाय वो नहीं होता है जिसमें दुकान के खुलने से पैसा आये और बन्द होने पर रुक ज

2    343 43

राजनीति

Drama

शाम को चाऊमीन की पार्टी विश्वविद्यालय के पास के रेस्तरां में चल रही थी।

2    339 29

अकेलापन

Drama

म मुझे थोड़ा डाँटती रहा करो। अच्छा लगता हैं। बाय माँ। लव यू माँ।”

2    313 27

पलायन

Tragedy

उज्ज्वल भविष्य की चाह में सुविधाओं की बैसाखी ले कर उजाले की ओर भाग निकला।

1    304 37

बन्दिश

Tragedy

इसके लिये किसी को दोष भी नहीं दिया जा सकता है।

1    369 38

स्थापना

Inspirational

यह स्थापना दिवस वाकई में सभी के लिये एक यादगार दिन बन गया था।

2    245 45

अन्तर्मन

Tragedy

“माँ”के मन्द स्वर ने उसकी तन्द्रा भंग कर दी और वह उठ कर कमरे में बेटे के बिस्तर की ओर

2    359 59

काजू

Inspirational

परिस्थितियों का रोना रोने से परिस्थितियाँ नहीं बदलती बल्कि उनके अनुसार खुद को बदलने से तक़दीर बदली ज...

1    356 19

“चोट”

Drama

सभी जीव अपने प्राकृतिक पारिस्थिकी में ही जीवन जी सकते है। इसी की प्रेरणा देती कथा

2    266 13

“तीजें“

Drama Abstract

सावन के तीज पर्व पर सभी को समर्पित लघुकथा

2    236 6

बाल हठ

Comedy

तभी सबने देखा नन्ही भरे पेट खुश हो कर चाचा की शादी में नाच रही थी।

1    357 6

वो सब्जी वाली

Inspirational

सड़क हादसे में पति की मौत के बाद घर चलाने और बच्चों की परवरिश के लिये हमने पति के काम को ही करना शुर...

1    455 9

उलझे पंथ

Drama

उलझे पंथ सुलझ चुके थे। रसोई में भी तीनों बहुएँ मिलकर रोटियाँ सेकती हुई भोजन परोस रही थीं। हर तरफ ख़ु...

2    305 8

बेटा

Others

जिस माँ ने साड़ी उम्र रसोई में अपनों के लिए गुज़ार दी ,उसे बेटे का रसोई में जाना खल भी रहा और ख़ुशी भी ...

2    348 8

बचपन और नानी का घर

Children Stories

सुमी ने बच्चों को गुस्से में बोल दिया चले जाओ नानी के घर, जब वो so कर उठी तो बच्चे सच में घर पर नहीं...

2    539 10

हवा का रुख़

Inspirational

हर बार माँ घर की दीवारों का जिक्र करती पर इस बार बेटे ने ख़ुद ही मरम्मत करवा दी

1    416 13

नींद

Drama

हम भी मजे से चहलक़दमी में लग गये थे।

2    449 5

बड़ी बहू

Drama

कहतें हैं जहाँ ईर्ष्या द्वेष का वास होता वहाँ कुमति के प्रवेश को कोई रोक नहीं सकता। जिस घर में पहले ...

2    435 9

कठोर फैसला

Drama

बेटी की बढ़ती उम्र की तरह नशे की बढ़ती आदत पर वो चाह कर भी रोक नही लगा पा रही थी।

1    256 8

स्वाद

Drama

आपके सामने जब आपसे सीख कर कुछ बनायेंगे तभी तो आपके हाथों का स्वाद अपने हाथों से पके भोजन में ला पाये...

1    209 6

इंसान के चेहरे

Inspirational

जहाँ उसे किसी के दोहरे चेहरे को झेलना ना पड़े और आने वाली पीढ़ी को नयी राह दिखा सके।

2    158 5

जमीन की तलाश

Tragedy

शहर की जिस जमीन की तलाश में गाँव का घर छोड़ा था उसके तो अब मिलने के दूर-दूर तक कोई आसार नजर ही नहीं ...

2    346 3

चुनाव

Abstract

अब समय ऐसा आ गया था की उन दोनों वृद्धजनो को भी अब इस बूढ़े होते घर घर में अकेले छोड़ा नहीं जा सकता था।...

2    241 7

सीख

Abstract

धी से कही बहू ने समझी ।”यानी जो बात बहुओं से कहनी है वह पहले बेटियों पर लागू करो यानी उनसे कहो ।बहुय...

2    546 16

धूम्रपान का सच

Inspirational

वह हमें ख़ाक में मिला कर अपनें इरादे में कामयाब होती उससे पहले ही झट से उसे उठा कर तोड़ कर कचरे के ड...

2    310 9

नया संकल्प

Inspirational

अब उनकी फुलवारी में एक नहीं बहुत सारे पुष्प पल्लवित हो रहे थे।

1    475 26

टोटका

Drama

धीरे-धीरे यह विवाह की रस्म में शामिल हो गई। रस्मों के प्रथम शिखर पर स्थापित हो गया।

2    521 55

मानव समुद्र

Inspirational

अन्दर की योग्यता को देखो। जिस काम में तुम खुद को बेहतर समझते हो वह रोज़गार अपने लिये चुनो

1    446 53

रंगरेज

Romance Tragedy

यह कहानी निम्नमध्यम वर्ग के परिवार के विषय मे उस समय की है जब लोग कपड़ों के बदरंग होने पर उसे नये रं...

2    552 28

कचरा

Drama

अभिजात्य वर्ग में महिला दिवस मनाना बदस्तूर जारी था।

2    556 49

चिकनाई

Drama Inspirational

देवरानी से हुई तकरार अब नमक अजवाइन की पूड़ी मे मिर्ची की तरह हमारे दिल को भाने लगी थी।

2    374 41

खुशी के पल

Drama

अब वह वहाँ रह कर बहुत कुछ समझने लगी थी जैसे जैसे उसकी सास की उम्र बढ़ने लगी और उनका मन दौलत से विमुख...

4    170 6

मान का पान

Drama Inspirational

अभी देखो हम सबको वह कितना मान देती है और मान के पान से बड़ा कुछ नहीं।

1    273 9

वक्त

Inspirational

पढ़ाई को शुशियों से दर्शाती कहानी......

2    356 43

मुखौटा

Inspirational Others

यदि समाज सेवा करना चाहती है तो अपनी ही प्रजाति को जन्म से पूर्व ही मारने के अपराध के लिये ज़बरन ढकेल...

1    605 60

समाज सेवक व सेविका

Drama

स्वच्छन्द रूप से सबसे जुड़ कर अपनी कलाओं को सिखाकर अपने अन्दर छिपी समाज सेवा की इच्छा को सन्तुष्ट कर...

3    281 12

अदरक तुलसी वाली देसी चाय

Others

इतने में प्यारे से सबके दुलारे देवर जी ने आ कर तुलसी की पत्ती चाय के पानी मे डाल कर बता दिया कि अच्छ...

2    545 20