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Sanjay Bhaskar

जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश कभी कभी कुछ अनकही भावनाये व्यक्त करने के लिये कविता या लेखों को माध्यम बना लेता हूँ

  Literary Captain

मुसीबत के सिवा कुछ भी नहीं !

Drama

ये दौर है आज कलयुग का जिसमे धोखा फरेब के सिवा कुछ भी नहीं !

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माँ की जलती हथेलियाँ

Others

मेरे पहले स्कूल से लेकर आखिरी कॉलेज तक सब याद है मुझे आज तक

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बारिश की वह बूँद

Others

बारिश की वह बूँद जो मेरे कमरे की खिड़की के शीशे पर फिसल रही थी

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मैं अकेला चलता हूँ

Inspirational

जिंदगी में इंसान अकेले ही आया है ओर उसे अकेले ही जाना है, छाया फिर भी उम्र भर साथ देती, मरने के बाद ...

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कुछ रिश्ते अनाम होते है

Inspirational

सभी बंधनों से मुक्त , बिना किसी सहारे के लम्बी दूरी तक साथ निभाते है अनाम रिश्ते !

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दिन में फैली ख़ामोशी

Others

'किसी का इस दुनिया से चला जाना, गैरो के लिये आम बात होती है, मगर उसके पनो के लिये पहाड़ टूटने जैसी बा...

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सुख दुःख इसी का नाम जिंदगी है

Drama Inspirational

इन्ही सब से बनती है ! जिंदगी की कहानी जो अलग अलग होती है ! सब की जुबानी.......!!!

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दृष्टिकोण

Abstract

क्योंकि दृष्टिकोण के लिए, अपने भीतर की दुनिया से, जुड़ना पड़ता है, आंकना पड़ता है

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बड़े लोग ..

Abstract

आधी रात को अचानक किसी के चीखने की आवाज़ से चौंक कर सीधे छत पर भागा देखा सामने वाले घर में क...

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