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Vandana Gupta

मेरी कलम से... मैं गणित जैसे दुरूह विषय की विद्यार्थी एवं प्राध्यापिका रही हूँ। अंकों में उलझते हुए भी शब्दों से खेलते हुए सुकून की तलाश हमेशा रही है। लेखन, खालीपन में शौक के रूप में और किसी की पीड़ा से व्यथित हो मजबूरी के रूप में उभरा है। बचपन से ही मनोभावों को डायरी के पन्नों में छुपाने की आदत रही है, कविताओं के रूप में.. प्रकृति से राग और अपनों से अनुराग के कुछ पल, मानवीय संवेदनाओं में डूबा मन कभी खुश होता, कभी उदास.. कभी प्रेम में डूबा तो कभी अलगाव की पीड़ा से बेचैन.. जिंदगी के कई पहलुओं को नजदीक से जाना तो कुछ आज तक अनछुए ही रहे.. जीवन की संगति और विसंगति से उपजी रचनाओं में खुशी, उदासी, प्रेम, पर्व, अलगाव, संस्कार और अपनत्व जैसे जिंदगी के रंग भरने का प्रयास रहता है... ! read more

  Literary Colonel

सिर्फ हमारे लिए

Abstract Drama

वक्त के साथ जाने कब पति पत्नी एक दूजे की तरह सोचने लगते और इस बदलाव को कभी सहज हो कभी अस्चर्य से अपन...

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अव्यक्त प्रेम

Romance Tragedy

सारी सीमाओं से परे... फिर भी एक दूसरे में समाया हुआ.. एक दूसरे को जीता हुआ....!

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वो लम्हे

Drama Tragedy

वर्षों से मेरे मन के तहखाने में कैद वो लम्हे पिघल कर मानों बून्द बून्द बह रहे थे......!

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अमलतास

Romance

मुझे पता है तुम भी कहीं चाँदनी को पीली और फूलों को सफेद होता देख रहे होंगे....!

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नया सवेरा

Inspirational

उसकी अपनी खुशी तो कोसों दूर चली गयी थी। सबकी खुशी में अपनी खुशी तलाशने वह आकाश के साथ विवाह बंधन में...

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बदलते उसूल

Drama

"माँ! एक बात बताओ यदि आपको पहला बेटा होता और आज वह कमाने लायक होता तो आपको ज्यादा खुशी होती न..??

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