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Husan Ara

उड़ान भरते सपने ,ज़मीन पर कदम, अठखेलियां करते विचार हरपल मन के गलियारे में,....... उन सपनों को जीती , कल्पनाओ में रहती मैं. और कहूँ क्या अपने बारे में Qualification- BSc with biology and post graduation with education . Won many prizes in various compititions. Love to read new books. always try to do something new and creative. read more

  Literary Colonel

खामोशी

Abstract

ख़ामोशी कभी ख़ामोश नहीं होती खामोशी में कई राज़ छुपे होते हैं।

1    233 32

अधिकार

Abstract

जीवन ही तो है ना ये, ये कोई व्यापार नहीं फिर क्यों तोलो बेटा- बेटी, ये अच्छा व्यवहार

1    157 3

चाहत

Classics

मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ

1    152 42

बेपरवाह

Classics

बादल हूँ, खुशबू हूँ या कोई हवा हूँ।

1    4 2

बड़ो का साया

Classics

तजुर्बा कमाया जो दुनिया का इतने सालों में, नज़र आने लगता है इनके सफेद बालों में, मेहन

1    223 19

मंत्री जी की सेल्फी

Drama

और मंत्री जी सेल्फ़ी में खड़े-खड़े मुस्कुरा रहे थे।

1    219 14

गुनाह

Abstract

ये मत सोचना, बेचारे हो तुम सच कहूं, गुनाहगार हो, हत्यारे हो तुम।

1    166 12

महिलाओं का ए टी एम

Comedy Drama

कभी खाली हाथ लौटने का योग नहीं रहता है।

1    127 23

ओ साथी रे

Romance

तुम बने दिया मैं बाती रे ओ साथी रे, ओ साथी रे।

1    277 26

शायद

Romance

उसी के ख्वाब उसी की ख्वाहिश, क्यों वो इस कदर मुझपे छाने लगा था।

1    4 2

उलझन

Abstract Others

बचपन में जिस पिता से ज़िद करती, छोटा सी हथेली देती थी फैला

1    3 1

दोहरा व्यवहार

Tragedy

पहाड़ों से निकलकर आने वाली निश्छल नदी की दास्तान जिसे मनुष्य प्रदूषित कर चला है

1    3 1

रैना बीती फूल खिले

Abstract

फैल चुका है चहुँ ओर उजियारा

1    6 2

एकता का बल

Inspirational

धर्मों का सम्मान हुआ जो, ये उंगलियां मिलकर मुठ्ठी हो जाएंगी।

1    4 2

वो कागज़ का टुकड़ा

Others

वो कहानी थी पुरानी 'पेन पाल' बनने की थी ठानी

2    24 3

मेरी कविताएं

Classics

मेरे जीवन की परछाई बनी मेरी कविताएं।

1    124 24

ले जा

Abstract

देखें जिधर नज़रें उठा फैली मुस्कान उधर हो।

1    143 43

डोर

Abstract

अपनी हर बात सही लगी

1    4 2

भ्रष्टाचार

Crime Tragedy

गरीब काबिल होते हुए भी बेनिशान क्यों है !

1    8 2

मेरी बेटी

Others

मैंने उसके सिर को सहलाया, अपनी उंगली उसे पकड़ाई।

1    306 26

स्टोरी मिरर

Abstract

कला के प्रशंसकों में पहचान मिली नई

1    84 6

खुश हूं मैं

Inspirational

वक़्त बदले, हालात बदले गीत बदले राग बदले बदलती हुई हवा के संग बहकर देखो।

1    9 2

जाने दे ना यार

Others

वो जीता या हारा अरे कोशिश कर लेगा दोबारा

1    9 3

भोर

Abstract

जाती निशा हमें दे जाती जगती सुंदर भोर।

1    233 47

नया काम

Drama Fantasy

भीख मांगी नहीं जाती इससे मेहनती है, आखिर मज़दूर है।

1    287 22

एक पुरानी डायरी से

Others

ठंडी ठंडी सुबह में बासी रोटी भी चाय के साथ कितनी भाती थी

1    204 33

ख्वाहिशें

Classics

रुक कर तुमसे बात करें नज़र से नज़र मिलाएं

1    292 31

फिसलते मोती

Abstract

तुम्हारी नज़रों में कविता है मेरे फिसलते मोती।

1    171 40

बारिशें

Abstract

मगर ये दुनिया भी देखेगी आज़माइशें भी ज़रूर होंगी।

1    296 37

बापू के संदेश

Inspirational Others

मानवता कल्याण के लिये ज़रूरी बापू के दर्शन और विचार

1    203 42

काश

Abstract Drama Inspirational

आज मेरे लबों पर ये " काश " न आया होता।

1    185 35

जीत -हार

Others

लक्ष्य जीत होना चाहिये किसी को हराना नहीं ।

1    61 4

बहू -बेटियां

Drama

बिन सोचे ये वो देती हैं घर की ही खातिर, सर्वस्व खो देती हैं।

1    331 44

बदला मौसम

Tragedy

ईर्ष्या द्वेष की गर्मी से पृथ्वी का मौसम बदल रहा।

1    306 28

कांच से रिश्ते

Drama Others

दूर से देखो मिलो, तो ये चमकते हैं पास जितना जाओ, उतना भ्रम टूट जाता है।

1    33 2

मौसम बदल रहा

Abstract

ईर्ष्या द्वेष की गर्मी से पृथ्वी का मौसम बदल रहा।

1    248 40

सादगी

Drama

सादगी से जीकर देखो असली सुकून पाओ।

1    256 23

कह सकते हो

Classics Drama

सह जाओ बुरा कहलाने का दुःख

1    136 21

उड़ान सपनों की

Fantasy Inspirational Others

मर्यादा की बेड़ियों में, अब ना कहो कुढ़ने को। तोड़ कर ये बेड़ियाँ, आसमान से जुड़ने दो।

1    246 50

यूँ ही बैठे कभी अकेले

Abstract Fantasy

लेकिन बहुत सुकून पाया है, यूँ ही बैठे कभी अकेले।

1    217 15

वक़्त

Inspirational Tragedy

क्रूरता मानव की देख पर्वत भी पिघल जाता है

1    29 3