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Pushp Lata

  Literary Captain

नसीब

Abstract

इतना दो जगदीश, न सोये बिटिया भूखी खायें सब भर पेट, भले हो सूखी रूखी।

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बरसात

Romance

बाँटती बूँदे रसीली प्रीत की जब चिट्ठियाँ खटखटाती हैं ठुमक कर द्वार मन का रात प्रियतम।

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गाँव

Others

साथ सब रहते हमेशा दौर हो कोई यहाँ पर बाँट गम खुशियाँ सभी की मुस्कुराता गाँव अपना

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छंद

Romance

कभी पूर्णिमा चंद्र सी, कभी विरह की पीर

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गीत

Inspirational

नापाक जो इरादे, कर खोखला रहे हैं छुटपुट प्रहार करके, जो बौखला रहे हैं

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गीत

Abstract

पर को लाख कतर दे दुनिया ऊँचे अम्बर तक जाती है उर में व्योम, नयन सागर रख वह सबका मन हर्षात...

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गीत

Abstract

पोथी पढ़-पढ़ नहीं लगेगा जीवन का अनुमान यहाँ चेहरे से चेहरे की करना मुश्किल है पहचान यहाँ अ...

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देश- भक्ति गीत

Children Inspirational

सोच समझ कर क़दम बढ़ाओ, तभी सुनहरा कल होगा, मज़हब की चादर से निकलो, खुशियों का हर पल होगा हिन्द एक है...

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मम्मी हमको बहुत सताती

Children

हमको कहती हम बच्चे हैं अभी अकल से हम कच्चे हैं समझ नहीं है हममें सारी बहुत अलग यह दुनियादारी मोट...

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गीतिका

Inspirational

लाज न आती कुछ बेटों को, माँ का दिल छलनी करके ऐसे नालायक बेटों को मैंने तो धिक्कार लिखा।

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गीत

Others

मैं सुकोमल देह सी हूँ प्रिय प्रकृति के नेह सी हूँ तन समर्पित मन समर्पित प्रीत के रंग में ढली हूँ...

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